अरावली की पहाड़ियों को बचाने की माँग

दैनिक जागरण, 11 दिसम्बर 2019

हरियाणा में घटते वन क्षेत्र को लेकर मंगलवार को राज्यसभा में चिंता जताई गई। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) के अंतर्गत आने वाले फरीदाबाद व गुरुग्राम के बीच अरावली की पहाड़ियों के 47 फीसद वन क्षेत्र का नुकसान हुआ है, जिन्हें ‘ग्रीन लंग्स’ माना जाता है । इस मुद्दे को शून्यकाल के दौरान उठाते हुए कांग्रेस की नेता कुमारी सैलजा ने कहा कि हरियाणा देश में सबसे कम वन क्षेत्र वाला राज्य है। यहां वन क्षेत्र में बढ़ोतरी की सख्त जरूरत है। राज्य सरकार ने 27 फरवरी 2019 को पंजाब भूमि संरक्षण अधिनियम में संशोधन कर पूर्व के कानून को कमजोर बना दिया है। इस क्रम में राज्य के 130 गांवों के पहाड़ी क्षेत्रों की 74 हजार एकड़ भूमि को वन क्षेत्र से बाहर कर दिया गया है। सैलजा ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने अरावली को हर कीमत पर बचाने की बात कही है। दिल्ली-एनसीआर के लिए अरावली की पहाड़ियों को बचाना बहुत जरूरी है। इससे राजस्थान के बढ़ते आ रहे रेगिस्तान को रोकने में मदद मिल रही है। उन्होंने केंद्र सरकार से एक टास्क फोर्स के गठन की मांग की, जो वन क्षेत्र को वर्ष 2024 तक कम से कम पांच फीसद और वर्ष 2030 तक 10 फीसद तक बढ़ाने में मदद करे।