गए थे अवैध खनन की जांच को, मिल गया सोने का खनिज भंडार

दैनिक जागरण, 11 दिसम्बर 2019

सुधीर पांडेय, चाईबासा, झारखंड में पूर्वी सिंहभूम के पोटका में क्वाट्र्ज और क्वार्टजाइट के अवैध खनन की जांच करने पहुंची भूतत्व विभाग की टीम को उक्त क्षेत्र में बड़ी मात्र में सोने (गोल्ड) के खनिज भंडार का पता चला है। विभाग के निदेशक फैज अक मुहम्मद मुमताज ने इस क्षेत्र को अपने अधीन में लेकर नीलामी की प्रक्रिया शुरू करने का सुझाव दिया है। खान एवं भूतत्व विभाग के उपनिदेशक संतोष कुमार सिंह ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि पोटका में ओडिशा सीमा से सटे तिरिंग गेट के पास राघवडीह, किशनडीह व मरांगमाली वन क्षेत्र में सड़क किनारे भारी मात्र में क्वाट्र्ज और क्वार्टजाइट का अवैध खनन किया जा रहा है।

इस तरह बढ़ी सोना होने की संभावना : पिछले दिनों इसकी जांच के लिए जमशेदपुर के खनन पदाधिकारी नदीम शरीफ और सहायक निदेशक करुण कुमार को लेकर वे पोटका गए थे। जांच के क्रम में पाया कि उक्त क्षेत्र में तीन जगह करीब 690 टन, 1150 टन और 345 टन के क्वाट्र्ज और क्वार्टजाइट को तोड़कर भंडारित किया गया है। निरीक्षण में बहुतायत मात्र में स्मोकी क्वाट्र्ज और फुंसीटाइट क्वार्टजाइट भी पाया गया। स्मोकी क्वाट्र्ज में पायराइट, चालकोपायराइट के अंश देखे गए। यहां स्मोकी क्वाट्र्ज मिलने से यह संभावना बनी कि निश्चित रूप से यहां पर सोना खनिज भी मौजूद होगा, क्योंकि स्मोकी क्वाट्र्ज में ही सोना खनिज होने की प्रबल संभावना रहती है। किया जा रहा सर्वे: उपनिदेशक ने बताया कि नदी नाला एवं स्मोकी क्वाट्र्ज में रासायनिक विश्लेषण में सोने के अंश लगभग 2.17 पीपीएम पाया गया है। यह एक उच्च गुणवत्ता का मानक है। रांची स्थित जीएसआइ (जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) के डिप्टी डायरेक्टर जनरल जनार्दन प्रसाद की ओर से जानकारी दी गई है कि भू वैज्ञानिक अन्वेषण दल यहां सोना खनिज के लिए भूतत्व सर्वे का कार्य कर रहा है।

झारखंड में सड़क किनारे रखे सैकड़ों टन क्वाट्र्ज और क्वार्टजाइट जब्त, स्मोकी क्वाट्र्ज में पायराइट, चालकोपायराइट के अंश देखे गए

ऐसे निकलता है सोना

सोने को क्वाट्र्ज पत्थरों से निकाला जाता है। सोने के छोटे-छोटे टुकड़े इन पत्थरों में होते हैं। ऐसे पत्थर रांची और पूर्वी व पश्चिमी सिंहभूम में पाए जाते हैं। खोदाई के बाद पत्थर की पिसाई कर तेज पानी के बहाव में छाना जाता है। भारी धातु नीचे बैठ जाती है। फिर गोल्ड अट्रैक्टर मैग्नेटिक नीडल से सोना पत्थर से अलग किया जाता है।

कुंदरकोचा व लावा में हो रहा अभी सोने का खनन

पूर्वी सिंहभूम के कुंदरकोचा और लावा में दो जगह पहले से ही सोने का खनन हो रहा है। चाईबासा के परडीहा और परासी में सोने की खान की नीलामी हो चुकी है। यहां अभी खनन नहीं शुरू हो पाया है। जमशेदपुर के भीतरडारी में सोने की खान की मात्र का पता लगाने का काम चल रहा है।