The Goenchi Mati – Permanent fund

Each Goan lost Rs. 2,45,000 due to illegal mining between 2007 and 2012.
Of the iron ore left unmined, each Goan household remains the rightful owner of ore worth more than Rs. 61 lakh.
Only a Permanent Fund will safeguard this enormous wealth and ensure it is used in the best possible way for Goa’s citizens and its future generations.

This brochure attempts to explain the main features of the proposal sent by the Goa Foundation to the Chief Minister of Goa on 15 May, 2014. Read more

आदिवासी जन परिषद का छह सूत्री प्रस्ताव पारित

रांची : आदिवासी जन परिषद की बैठक रविवार को करमटोली कार्यालय में हुई। अध्यक्षता प्रेम शाही मुंडा और संचालन कमलनाथ मांझी ने किया। बैठक में वर्तमान राज्य की राजनीतिक व सामाजिक परिस्थिति सीएनटी-एसपीटी एक्ट संशोधन विधेयक, ट्राइबल सब-प्लान, समता जजमेंट, पांचवीं अनुसूची पर चर्चा हुई। इस दौरान जन परिषद का छह सूत्री प्रस्ताव पारित किया गया। इसमें परिषद का 13 मई को सीएनटी-एसपीटी एक्ट संशोधन विधेयक के विरोध में राजभवन मार्च करने, सरकार की किसान विरोधी नीतियों का विरोध करने, शतप्रतिशत अनुदान पर ट्राइबल सब-प्लान के तहत किसानों की योजना लागू करने, पांचवीं अनुसूची क्षेत्रों में आदिवासी स्वशासन लागू करने, रांची महानगर में आदिवासियों की जमीन पर अविलंब सर्वे करने, आदिवासियों को खनन पट्टा देने के लिए राज्य सरकार समता जजमेंट के आधार पर कानून बनाने सहित अन्य प्रस्ताव शामिल हैं। प्रेमशाही मुंडा ने कहा कि आदिवासी जन परिषद, पारंपरिक संगठन, पड़हा व्यवस्था, मांझी परगनैत, डोकलो-सोहोर, मानकी-मुंडा की आदिकाल से चली आ रही पारंपरिक व्यवस्था को मजबूती प्रदान करने के लिए गांव-गांव में बैठकें आयोजित करेगी। साथ ही आदिवासियों के विकास कार्यो के लिए शतप्रतिशत अनुदान लागू करने के लिए आंदोलन छेड़ेगी। मौके पर श्याम चंद्र मुंडा, जय सिंह, प्रेम पाहन, श्रवण लोहरा, सिंकदर मुंडा, संदीप सोन तिर्की, राजेश कुजूर, राइमनी मुंडा, सुरेश मुंडा, श्रीनाथ मुंडा, रंजीत मुंडा, बंटी भुटकुंवर सहित अन्य शामिल थे।

Courtesy: Dainik Jagran

Protecting the Tribal Rights

The word ‘Tribe’ denotes a group of people living in fixed territory.  These tribes are a social group living in a fixed territory having no such specialisation of functions and the people living inthese social groups are known as tribes or tribal people. Tribes also have several sub groups and collectively they are known primitive and ruthless conditions. As ‘Tribal Society’. Tribes are the inhabitants of forests since pre history and even in this modern world this trend is followed by many people. Read more

Courtesy: The Hansh India

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